मास कम्युनिकेशन में करियर बनाना चाहते है तो इसे पढ़ें

जिन स्टुडेंट को लिखना पसंद है। लोगों से कम्युनेट करना अच्छा लगता है। फोटो क्लिक करना अच्छा लगता है। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का इच्छा रखते हैं। ऐसे कई फिल्ड है जो आप जन-संचार और पत्रकारिता के कोर्स द्वारा पूरा कर सकते हैं। यदि आप अपनी लाइफ में भीड़ से कुछ अलग करना चाहते है तो यह फील्ड आपके करियर के लिए बेहतर है। हालांकि इस क्षेत्र में भी काफी कंपिटीशन है, लेकिन आपके में  क्रिएटिव स्किलस और कुछ अलग सोचने की क्षमता रखते हैं तो यह फिल्ड आपको नाम और पैसा दोनों देंगे। भारतीय मीडिया इंडस्ट्री हर साल 10.55% की दर से वृद्धि कर रही है जबकि पूरी दुनिया की मीडिया की ग्रोथ रेट सिर्फ 4.2% ही है। इस हिसाब से देखा जाएं तो भारत में मीडिया इंडस्ट्री‌ में करियर विकल्प है। पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की फील्ड में कोई कोर्स है, जिसे करके आप प्रिंट, रेडियो, वेब, एंटरटेनमेंट, जनसंपर्क आदि से जुड़कर अपना करियर संवार सकते है। इसके लिए आपको इससे जुड़े कोर्स करना होगा जैसे बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री, डिप्लोमा और इसके अलावा एमफिल और पीएचडी जैसे कोर्से भी कर सकते हैं। 

पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन क्या है?

इस क्षेत्र में करियर बनाने से पहले आप मीडिया को अच्छे से समझ लें।

पत्रकारिता आधुनिक समय में एक महत्वपूर्ण व्यवसाय बन गया है। जिसमे समाचार का एकत्रीकरण, समाचार लिखना, सारी जानकारियों को जुटाना, सम्पादित करना और सम्यक प्रस्तुतिकरण जैसे काम करने होते हैं। आज के समय में पत्रकारिता के अनेक माध्यम हो गए हैं जैसे कि अखबार, पत्रिकाएं , दूरदर्शन, रेडियो , वेब-पत्रकारिता आदि। 

जनसंचार का अर्थ सूचना को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना है । जनसंचार ही बताता है कि राजसत्ता या शासन की व्यवस्था का आधार क्या हो? सरकार का रूप कैसा हो, स्वेच्छाचारी राजा या सैनिक अधिकारियों का शासन हो या स्वतंत्र और लोकप्रिय सरकार हो, जनसंचार माध्यम से ही यह पता चलता है ।

क्या होनी चाहिए योग्यता-

पत्रकारिता में करियर बनाने के लिए किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है। पत्रकारिता और जन-संचार के क्षेत्र से किसी भी कोर्स से ग्रेजुएशन, पीजी, डिप्लोमा की  सर्टिफिकेट या डिग्री होना जरुरी है। इसके लिए आपको बीजेएमसी(जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन), एमजेएमसी (मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन), पीजी डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन्स एंड मार्केटिंग, टेक्निकल कोर्स जैसे नॉन लिनियर एडिटिंग, इलेक्ट्रॉनिक कैमरा हैंडलिंग एंड शूटिंग एवं फोटोग्राफी जैसे कोर्सेज कि डिग्री ले सकते है। इसके अलावा और भी कोर्स कर सकते है-

  •  बैचलर डिग्री इन मास कम्यूनिकेशन
  • मास्टर डिग्री इन मास कम्यूनिकेशन 
  • पीजी डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन
  • पीजी डिप्लोमा इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म
  • एमए इन जर्नलिज्म
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म
  • जर्नलिज्म एंड पब्लिक रिलेशन 
  • पीजी डिप्लोमा इन मास मीडिया 

क्या आप है यें बात-
जर्नलिज्म के फील्ड में करियर बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है आपका मानसिक रूप से मजबूत होना यानी किसी भी परिस्थिति में खुद पर विश्वास करके काम पर ध्यान देना। वहीं, जर्नलिस्ट होने के लिए बेहतरीन कम्यूनिकेशन स्किल्स के साथ समाचारों से खुद को अपडेट रखना जर्नलिज्म का सबसे बड़ा नियम है। आपके विचारों में निष्पक्षता होनी चाहिए, कोई भी चीज कहने से पहले आपके पास उसके प्रूफ होने चाहिए। आपकी सोच किसी भी विषय पर एक विश्लेषक की तरह हो, यह सबसे ज्यादा जरूरी होता है। राइटिंग स्किल अच्छी होनी चाहिए।

क्यों करें मास कम्युनिकेशन का कोर्स

किसी भी कोर्स को करने से पहले हर स्टू़डेंट्स के मन में एक सवाल आम तौर पर जन्म लेता है। आखिर यही कोर्स क्यों करें, इस कोर्स से हमें क्या फायदा होगा। जिन स्टूडेंट्स को मीडिया और सिनेमा के क्षेत्र में करियर बनाना उनके लिए यह बेहतर साबित होगा। इस कोर्स को करने वाले स्टूडेंट्स एंकर, रिपोर्टर, स्क्रिप्ट राइटर, कैमरा पर्सन, एक्टर, डायरेक्टर, वीडियो एडिटर और न्यूज एडिटर के पद पर काम कर सकते हैं। 

नौकरी के अवसर-
पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद आपको न्यूज एजेंसी, न्यूज वेबसाइट, प्रोडक्शन हाउस, प्राइवेट और सरकारी न्यूज चैनल, प्रसार भारती, पब्लिकेशन डिजाइन, फिल्म मेकिंग में रोजगार से अवसर मिलते हैं। आप चाहें तो फ्रीलान्सिंग भी कर सकते हैं। 

प्रिंट मीडिया पत्रकारिता की सबसे पुरानी फिल्ड है लेकिन फिर भी भारत में ये पहले की तरह ही लोकप्रिय है। पूरे देश में लगभग 70 हजार समाचार पत्र और मैगजीन कई भाषाओं में प्रकाशित होते है। आप मैगजीन, अखबार या बूक राइटर के तौर पर काम  कर सकते है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकारिता को अक्षरों की दुनिया से निकालकर विजुअल की दुनिया में लेकर आया। ऑडियो, वीडियो, टीवी, रेडियो के माध्यम से लोगों के बीच अपनी जगह वना ली। आज टीवी सैटेलाइट, केबल सर्विस और नई तकनीकों के माध्यम से पत्रकारिता का यह सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। 

वेब मीडिया: इंटरनेट और स्मार्टफोन ने पत्रकारिता का अंदाज ही बदल कर रख दिया है वेब मीडिया ने आम आदमी को प्लेटफॉर्म दिया है। हर साल सैकड़ो न्यज पोर्टल खुल रहे है जिनमें जॉब्स के कई मौके उपलब्ध है।

रेडियो: प्राइवेट एफएम चैनल और कम्युनिटी चैनल के आने से इस क्षेत्र में रोजगार के कई अवसर उत्पन्न हुए है। अब हर बड़े शहर में आपको कई रेडियो चैनल सुनने को मिल जाएंगे।  रेडियो की खास बात यह है कि इसे सुनने वाले ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के लोग है। इसमें नौकरी करने के लिए लोकल भाषाओं पर पकड़ मजबूत होना चाहिए।

पब्लिक रिलेशन भी मीडिया इंडस्ट्री का ही हिस्सा है हालांकि यह पत्रकारिता से थोड़ा अलग जरूर है लेकिन इसकी पढ़ाई भी साथ में ही करवाई जाती है। अब हर कंपनी पब्लिक के बीच अपनी इमेज बनाने के लिए पब्लिक रिलेशन प्रोफेशन को हायर कर रही है। अगर आप पब्लिक रिलेशन में काम करना चाहते है तो आपको मास कम्यनिकेशन या पत्रकारिता के कोर्स के बाद आपको बिजनेस हाइउसेज, किसी पॉलिटिकल पर्सन, सेलेब्रिटी और पीआर एजेंसी में काम मिल सकता है।

इसके अलावा आप अपनी स्किल्स के आधार पर विभिन्न जगहों पर रिपोर्टर, संपादक, लेआउट डिजाइनर, फोटोग्राफर, प्रबंधक, प्रूफ रीडर, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, मैनेजर, एडवर्टाइजिंग प्रोफेशनल, फ्रीलांसर, डॉक्यूमेंट्री मेकर, फैशन फोटोग्राफर, फिल्म निर्देशक, टीवी कॉरेसपोंडेंट, प्रोड्यूसर, रेडियो जॉकी/आरजे, स्क्रीनप्ले-राइटर, साउंड इंजीनियर, साउंड मिक्स़र/साउंड रिकॉर्डिस्ट, विशेष संवाददाता, वीडियो जॉकी, कला निर्देशक, जन-संपर्क अधिकारी समेत कई पदों पर काम किया जा सकता है। खुद के बिजनेस के रूप में अपना मीडिया हाउस शुरू करने के साथ इवेंट मैनेजमेंट कंपनी भी खोल सकते हैं।

सैलरी-

अगर आप फ्रेशर्स के तौर पर इस फील्ड में आते है तो शुरूआती तौर पर 15 से 20 हजार रूपये महीने आसानी से पा सकते है। 2 से 3 साल के अनुभव के बाद 30- 40 हजार रूपये महीने तक कमाएं जा सकते है।

पत्रकारिता और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के प्रमुख संस्थान-

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, दिल्ली
  • माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय, भोपाल
  • एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म, चैन्नई
  • मास मीडिया रिसर्च सेंटर, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, मुंबई
  • सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, पुणे
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
  • डिपार्टमेंटन ऑफ जर्नलिजम एंड मास कम्युनिकेशन, बीएचयू
  • डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिकेशन,  हैदराबाद यूनिवर्सिटी
  • मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, (एमआईसीए)
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